मेरी मां पिंकी की नंगी रास लीला ( कूक्कू )

Post Reply
Kukkurandnangi
Registered user
Posts: 4
Joined: Mon Apr 26, 2021 2:37 am

मेरी मां पिंकी की नंगी रास लीला ( कूक्कू )

Post by Kukkurandnangi »

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम प्रिया है मुझे मेरी मां प्यार से कूक्कू कहकर बुलाती है मेरी उम्र अभी 25 वर्ष है में आपको मेरी मां ओर उनके भतीजे जीतू के सेक्स के बारे मे बताने जा रही हूं जिसे मेने छुपकर देखा है ओर मेरी लाइफ का पहला सेक्स एक्सपीरियंस भी था...
मेरे घर में मेरी मम्मी मेरी ताई जी का लड़का ओर में कूक्कू हम तीन सदस्य ही रहते है मेरी मम्मी ऐक विधवा औरत है मेरे पापा की डेथ बहुत पहले ही हो गई थी मेरी मम्मी ने ही मुझे पाला है ओर पापा का प्यार भी मम्मी से ही मिला मेरी मम्मी का में पिंकी है और वो 46 वर्ष की है मेरी मम्मी बहुत ही खूबसरत औरत है पर पापा के जाने बाद भी मम्मी ने दूसरी शादी नहीं की बस मेरे लिए अपनी पूरा जवानी अकेली ही गुजार दी ओर में अपनी मम्मी से बहुत प्यार करती हूं मेरा कोई भाई नहीं था तो मम्मी ने ताई जी के लड़के जीतू को अपने साथ रख लिया ओर उसे अपने बेटे को तरह मानने लगी जीतू भाई की उम्र 34 वर्ष है ओर वो कुंवारा है जीतू को में हर रक्षाबंधन पर राखी बांधती आई हूं ओर वो भी मुझे अपनी सगी बहन की तरह प्यार करता है जीतू मेहनती लड़का है मुझे कॉलेज छोड़कर आना घर का हर काम वो ही करता है मेरी मम्मी को ओर मुझे उस पर पूरा भरोसा था काफी टाइम से वो हमारे साथ ही रह रहा था हैं में ओर जीतू भाई हमेशा एक ही रूम मे साथ सोया करते हैं ओर मेरी मम्मी अलग रूम मे अकेली सोया करती हैं पर उस रात जो हुआ वो कुछ अलग ही था में मम्मी ओर जीतू भी रोज के तरह खाना खा कर रात को अपने रूम मे सोने चले गए थे में स्टडी कर रही थी ओर रात के 10 बज चुके थे जीतू भाई भी से चुका था मुझे भी नींद की झपकियां आने लगी थी तो में भी सो गई रात को अचानक से मेरा पेशाब आने लगा था तो ने उठी ओर मेने देखा जीतू भाई कमरे में नहीं था में कमरे से बाहर निकली ओर पहले लैट्रीन में गई वहा पेशाब करके में धीरे धीरे मम्मी के कमरे की तरफ जाने लगी मेने देखा मम्मी के रूम की लाईट ऑन थी ओर कमरे की खिड़की थोड़ी सी खुली हुई थी मेने छुपकर हलका सा कमरे के अंदर देखा तो मेरी आंखे खुली की खुली रह गई मेरी मम्मी पलंग पर बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी और उनके पास ही मे जीतू भाई भी पूरा नंगा था और मेरी मम्मी की ऊपर छड़ा हुआ था मम्मी जीतू भाई का किस ले रही थी ओर उसे के साथ नंगी चिपकी हुई थी में सब कुछ समझ चुकी थीं मेने चुप रह कर सब देखना ही मुनासिब समझा कुछ देर तक मम्मी ओर जीतू भाई किस करते रहे अब जीतू भाई मम्मी के ऊपर से हट गया और मेरी नजर जीतू भाई के लण्ड पर गई मेने लाईफ में पहली बार ऐक मर्द का लण्ड देखा था जीतू भाई का लण्ड काफी बडा ओर मोटा था मेरी मम्मी अपने हाथ से अपनी चूत की सहला रही थी ओर जीतू भाई अब उठ कर मम्मी के मुंह पर पैरो को चोड़ा कर बैठ गया जीतू भाई के बड़े बड़े कूल्हे मेरी आंखो के सामने थे जीतू भाई ने बोला पिंकी चाची मुंह खोल मेरी रण्डी मम्मी बोली चुसा मुझे लण्ड पिला अपनी चाची को मम्मी ने अपना मुंह खोल दिया ओर जीतू भाई ने अपने घुटने मोड़ लिए ओर अपना लंबा मोटा लण्ड मेरी मम्मी के मुंह में घुसा दिया ओर मम्मी के मुंह में चलाने लगा ओर मम्मी भी उसका पूरा साथ दे रही थी ओर चूसे जा रही थी दोनो अपनी मस्ती में मस्त थे उन्हे नहीं पता था के में सब कुछ देख रही हूं मेंरी नजर मम्मी की चूत पर गई मम्मी के नीचे के नीचे चूत पर काफी गहरे बालो की चादर बिछी हुई थी देख कर लग रहा था जैसे मम्मी ने ऐक साल से बाल साफ नहीं किए हो बालो के गुच्छे पड़ रहे थे मम्मी की चूत पर ओर मम्मी की चूत काफी बड़े साइज की दिख रही थी और उनकी चूत के छेद पर काफी बड़ी खाल लटक रही थी जीतू भाई काफी देर से मेरी मम्मी के मुंह में लण्ड चला रहा था ओर मम्मी भी उसका पूरा साथ दे रही थी ये सब कुछ मेने पहली बार देखा था अचानक से जीतू भाई ने मम्मी के मुंह से लण्ड बाहर निकाल लिया ओर मम्मी लंबी लंबी सांसे ले रही थी जीतू भाई बोला चाची उठ मम्मी उठ कर घुटने मोड़ कर बैठ गई ओर जीतू भाई ने मम्मी का सर दोनो हाथों से पकड़ लिया मम्मी ने फिर से अपना मुंह खोल दिया ओर जीतू भाई ने अपना लण्ड दोबारा मम्मी के मुंह में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा ओर बोले जा रहा था पिंकी चाची मेरी रण्डी बीवी आह आह आह मुझे बिल्कुल साफ नजर आ रहा था जीतू भाई का लण्ड मम्मी के गले तक पहुंच रहा था इतना सब कुछ देख कर मुझे भी अब कुछ कुछ होने लगा था आज में खुद अपनी ही मां का सेक्स देख रही थी उनके भतीजे के साथ मेने अपने सलवार का नाड़ा खोलकर सलवार नीचे सरका लिया ओर अपनी चड्डी भी थोड़ी सी उतार दी मेने अपनी चूत पर हाथ रखा तो वो गीली हो रही थी मुझे भी अब मस्ती आ रही थी में अं दोनो को देख कर मचल उठी थी कुछ देर बाद जीतू भाई ने लण्ड चलाना रोक लिया ओर मम्मी के मुंह से बाहर निकाल लिया मेने देखा जीतू भाई का लण्ड मम्मी के थूक से गीला हो चुका था मम्मी ने अचानक से जीतू भाई का लण्ड मुठ्ठी में भर लिया ओर उसे हिला रही थी और बोल रही थी मेरे जानू मुझे वीर्य पिलाओ में बहुत प्यासी हूं जीतू भाई बोला है मेरी रण्डी आने वाला है कुतीया मम्मी पूरे जोश में उसका मुठ मार रही थी जीतू भाई बोला चाची मुंह खोल मम्मी ने मुंह खोला और लण्ड को होठ से लगा लिया में सब कुछ गोर से देख रही थी तभी जीतू भाई के लण्ड से पिचकारी छूट पड़ी मम्मी ने लण्ड मुंह में भर लिया ओर चूसने लगी जीतू भाई बोला चाची बस आह आह आह पर मम्मी उसका लण्ड छोड़ ही नहीं रही थी बस चूसे जा रही थी जीतू भाई बोला रण्डी कुतिय बस कर अब मम्मी ने लण्ड मुंह से बाहर निकाल लिया ओर उसे चाट रही थी जीतू भाई लंबी सांसे ले रहा था मेने पहली बार अपनी मम्मी का ऐसा रूप देखा था अब मम्मी ने जीतू भाई का लण्ड छोड़ दिया और वापस लेट गई जीतू भाई भी मम्मी के चिपक कर लेट गया दोनो नंगे बदन चिपके हुए थे मेने धीरे से अपनी चूत में उंगली डाल दी और चलाने लगी ये मेरा पहला मास्टरबेट था उस रोज मुझे अच्छा लग रहा था कुछ देर रेस्ट करने के बाद मम्मी जीतू भाई को बोली जीतू अब मेरे कूल्हे का छेद चूस ओर मुझे घोड़ी बना कर चोद जीतू भाई बोला ठीक है चाची ओर मम्मी उठ कर घुटने मोड़ कर घोड़ी बन गई जीतू भाई मम्मी के कूल्हों की तरफ आ गया और मम्मी के कूल्हों को चाटने लगा मम्मी घोड़ी बनी हुई थी और उनके बोबे लटक रहे थे वो मुंह से आह आह की आवाजे निकाल रही थी ओर में भी कमरे के बाहर पूरे जोश में अपनी चूत में उंगली कर रही थी में अपनी मम्मी को लाइव चुदते हुए देख रही थी कुछ देर तक मम्मी के कूल्हों को चाटने के बाद जीतू भाई ने मम्मी के कूल्हों पर अपना लण्ड रखा और रगड़ने लगा तभी मम्मी बोली जीतू बेटा डाल अंदर घुसेड़ दे मेरे कूल्हों में मत तड़पा मुझे आह आह तभी जीतू भाई ने अपना लण्ड मम्मी के कूल्हों के छेद पर लगा दिया और धक्का लगाया जीतू भाई का लण्ड पूरा मेरी मम्मी के कूल्हों में समा गया ओर जीतू भाई पूरे जोश में मेरी मम्मी की गाण्ड मारने लगा मम्मी सिसकियां ले रही थी और उनके बोबे हिल रहे थे मम्मी चिल्ला रही थी चोद मुझे हिजड़े चोद आह आह उमम में भी अपनी चूत में उंगली चलाए जा रही थी मेरी चूत से अब पानी निकल रहा था जीतू भाई बहुत तेज धक्के लगा रहा था मम्मी के कूल्हों में में अपनी मम्मी की खुशी महसूस कर रही थी ओर सोच रही थी काश में भी मम्मी के तरह जीतू भाई से चुदवाती जीतू भाई ओर मम्मी आधे घंटे से लगे हुए थे में भी अभ पूरी मस्ती में आ गई थी मेने अपना सलवार ओर चड्डी पूरी उतार दी ओर अपना ऐक पैर खिड़की मे रख दिया ओर खिड़की मे हाथ डालकर उसे पूरा खोल दिया अब में मम्मी ओर जीतू भाई को साफ नजर आ सकती थी में खिड़की पर पैर रखकर कर अपनी मम्मी की चुदाई देख कर फिंगर चला रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था ओर पूरा कमरा मेरी मम्मी की आवाज से गूंज रहा था आह आह आह हिजड़े आह आह चोद ओर चोद आह आह मम्मी जीतू भाई के लण्ड का पूरा मजा ले रही थी तभी अचानक से मम्मी की नजर मुझ पर पड़ी ओर वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी में मम्मी के सामने नंगी थी ओर मम्मी मेरे सामने ओर तभी मम्मी ने मुझे चुप रहने जा इशारा किया में समझ गई जीतू भाई ने मुझे अभी तक नहीं देखा था वो तो मम्मी में मस्त थे काफी देर तक मम्मी को चोदने के बाद जीतू भाई अचानक से रुका और मम्मी के कूल्हों में लण्ड फसाए हुए मम्मी के ऊपर पड़ गया में समझ गई जीतू भाई अब फ्री होने वाला है अब मम्मी मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी ओर उधर जीतू भाई मेरी मम्मी के कूल्हों के अंदर वीर्य की पिचकारी छोड़ रहा था अब जीतू भी फ्री हो गया था उसने मम्मी के कूल्हों से लण्ड बाहर निकाल लिया ओर मम्मी के बगल मे लेट गया मम्मी उठी ओर बोली जीतू बेटा तू थोड़ा आराम कर ले में अभी पेशाब कर के आती हूं जीतू भाई बोला ठीक है चाची ओर मम्मी पूरी नंगी कमरे से बाहर आने लगी में अभी तक झडी नहीं थी मेने अपना सलवार ओर चड्डी हाथो में लिए और अपने कमरे मे चली गई मेरे पीछे ही मम्मी भी कमरे में आ गई ओर में नज़रे झुकाए हुए पलंग पर नंगी बैठी थी मम्मी भी पूरी नंगी थी ओर मेरे पास आ गई और धीमी आवाज में बोली कूक्कू बेटी मुझे माफ़ कर दे में क्या करू तेरे पापा के जाने के बाद मुझे भी सेक्स करने की इच्छा होती थी तो मुझे लण्ड की जरूरत पड़ती हैं ओर जीतू अपने ही घर का है मुझे काफी सालों से चोद रहा है में उसके साथ खुश हूं पर मुझे पता है अब तू भी जवान हो गई है ओर बता केसा लगा तुझे तेरे भाई जीतू का लण्ड में शर्माती हुई बोली मम्मी अच्छा है मम्मी बोली कूक्कू में तुझे भी जीतू से चुदवाऊंगी पर कुछ दिन इंतजार कर ओर अपनी मम्मी को चुदते हुऐ देख ओर तेरी मस्ती को ओर भडने दे चल अब तेरे पैर चोड़ा मेने अपने पैरो को चोड़ा दिए मम्मी ने मेरी चूत को देखा और उसे हाथो से सहलाने लगी ओर बोली कूक्कू बेटी तेरी चूत अभी बहुत छोटी है ओर मम्मी ने मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां घुसाई ओर धीरे धीरे चलाने लगी में सिसक उठी और मम्मी ने उंगली बाहर निकाल ली और फिर मेरी चूत को हल्का सा चोड़ाकर उसने थूका ओर अपनी उंगलियों पर भी थूक लगा कर वापस मेरी चूत में घुसा दी ओर चलाने लगी मेरी तो जान निकल रही थी कुछ देर करने के बाद मम्मी ने मुझे गले से लगाया और बोली बेटी चल अब तू वापस सलवार और चड्डी पहन के सो जा में भी अब थक चुकी हूं में भी सोऊंगी में कुछ दिनों में अपने साथ ही तुझे जीतू से चुद्वाऊंगी में बोली ठीक है मम्मी ओर मम्मी वापस अपने कमरे मे चली गई

नेक्स्ट स्टोरी - मेरी मां ने अपने साथ ही मुझे अपने भतीजे से चुद्वाया
( कूक्कू )
Post Reply

Who is online

Users browsing this forum: No registered users and 16 guests